ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ऐबटाबाद में पूरे पांच साल तक रहा। आखिर वे कौन हैं जो पाकिस्तान में लादेन के मददगार थे और जिन्होंने उसे पनाह दी?

अमेरिका इन सवालों का पूरे जोर-शोर से जवाब तलाश रहा है। अमेरिकी मी़डिया की रिपोर्ट्स और भारतीय एक्सपर्ट्स के मुताबिक शक की सुई आईएसआई के बॉस शुजा पाशा पर जा रही है। लेकिन इसमें वह अकेले शामिल नहीं थे। उनके पूर्ववर्ती भी इसमें शामिल हुए बताए जा रहे हैं। इसमें से एक नाम आर्मी चीफ कयानी का भी सामने आ रहा है।

लादेन ने 2005 में जब ऐबटाबाद में कदम रखे, तब कयानी आईएसआई के चीफ हुआ करते थे। खबर है कि अमेरिकी के बढ़ते दबाव के कारण पाशा पर अब पद छोड़ने के लिए लगातार दबाव बढ़ रहा है। कयानी के बाद नदीम ताज़ 2007 में आईएसआई के चीफ बने थे। शक की सुई उन पर भी है। बताया जाता है कि पाकिस्तान ने अमेरिका के दबाव में ही तब ताज़ को पद से हटाया था।

सिक्यूरिटी एक्सपर्ट बी रमन बताते हैं कि अगर ओसामा और आईएसआई के संबंधों को लेकर जांच हुई तो शक की सुई पहले ताज़ फिर पाशा और कयानी तक जाएगी।


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